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आयुर्वेद गुरु

मेरे आयुर्वेदिक जीवन की नींव रखने वाले पूज्य गुरुदेव वैद्यराज श्री समीर जमदग्नि जी के श्रीचरणों में सादर प्रणाम।

आयुर्वेद गुरु

गुरु कृपा एवं प्ररेणा

ज्ञान, साधना और सेवा के पथ-प्रदर्शक

आयुर्वेद गुरु
पूज्य वैद्यराज श्री समीर जमदग्नि सर जी

मेरे आयुर्वेदिक जीवन की नींव रखने वाले पूज्य गुरुदेव वैद्यराज श्री समीर जमदग्नि जी के श्रीचरणों में सादर प्रणाम।

पुणे स्थित
श्री विश्वामृत आयुर्वेदिक चिकित्सालय व पंचकर्म केन्द्र

में उनके सान्निध्य एवं मार्गदर्शन में मुझे आयुर्वेद के शास्त्रीय सिद्धांतों, पंचकर्म चिकित्सा, रोग निदान तथा रोगी सेवा के व्यावहारिक ज्ञान को सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। गुरुदेव ने केवल चिकित्सा का ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि सेवा, करुणा, अनुशासन और आयुर्वेद के प्रति समर्पण का भाव भी प्रदान किया।

आज मेरी चिकित्सा पद्धति में जो भी सफलता, अनुभव और आत्मविश्वास है, वह गुरुदेव की शिक्षा एवं आशीर्वाद का ही प्रतिफल है।

मैं उनके श्रीचरणों में कोटिशः प्रणाम अर्पित करता हूँ और सदैव उनके आदर्शों का अनुसरण करते हुए आयुर्वेद के माध्यम से मानव सेवा के लिए समर्पित रहने का संकल्प रखता हूँ। आज भी आप का मार्ग दर्शन मिलता रहता है, उसके लिए आप के चरणों में प्रणाम

"गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।"
Vaidya Raj Sameer Jamdagni Ji

परम पूज्य सद्गुरु आनंदनाथ महाराज जी

मेरे जीवन एवं सेवा-पथ के आधारस्तंभ मेरे पूज्य सद्गुरु, परम पूज्य आनंदनाथ महाराज जी हैं। उनके श्रीचरणों में प्राप्त दीक्षा, मार्गदर्शन एवं कृपा ने मेरे जीवन को नई दिशा प्रदान की है।

आज मैं जिस सेवा-कार्य में संलग्न हूँ, उसकी प्रेरणा एवं आधार सद्गुरुदेव का आशीर्वाद है। उनके मार्गदर्शन से ही मैंने अपने चिकित्सकीय जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लिए तथा उन्हीं के निर्देशानुसार बताएं स्थान पर अपनी आयुर्वेदिक चिकित्सा सेवा प्रारम्भ की।

सद्गुरुदेव ने मुझे केवल आध्यात्मिक साधना का मार्ग ही नहीं दिखाया, बल्कि मानव सेवा को ईश्वर सेवा के रूप में देखने की दृष्टि भी प्रदान की। मेरी यह मान्यता है कि रोगियों की सेवा में जो भी सफलता प्राप्त होती है, वह सद्गुरु की कृपा और आशीर्वाद का ही प्रतिफल है।

मैं सदैव उनके श्रीचरणों में कृतज्ञतापूर्वक नमन करता हूँ तथा उनके आदर्शों एवं उपदेशों का अनुसरण करते हुए आयुर्वेद के माध्यम से मानव कल्याण हेतु समर्पित रहने का प्रयास करता हूँ।

"गुरु कृपा ही केवलम्"
Sadhguru Anandnath Maharaj Ji